रविवार, 9 मई 2010

टिप...

कल रिक्शेवाले से मेरा झगडा हो गया
वो मुझसे एक रुपैया ज्यादा माँग गया
मैंने अपना आपा खो दिया, उसे
एक साँस में कई गालियाँ दे गया
तब लोगों ने बताया की
किराया कल से बढ़ गया
मैं झल्लाया हुआ, पैसे फ़ेंक
वहाँ से आगे बढ़ गया

रात को बीवी के साथ होटल गया
खूब मजे से पीया खाया
दो लोगों में मैंने
एक हजार का बिल चुकाया
वेटर को बिना कहे
सौ रुपये का टिप पकड़ाया
हर्षोल्लासित घर वापस आया

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