सोमवार, 3 अक्तूबर 2011

रहस्यों की दुनिया

बाबा, संत, फ़कीर और ओझा
इनके जैसा न कोई दूजा
भूत भविष्य बताने वाले,
मृत्यु का रहस्य जानने वाले
कई काम है इनको आते
घर में हैं ये तरक्की लाते
दुःख, बाधा, खतरा, बैचैनी
हैं इन सबको दूर भगाते

अजब गजब है दुनिया इनकी
कर्मकांडों की दुनिया इनकी
जादू टोना करने वाले
जन्मपत्री बनाने वाले
दीक्षा, शिक्षा देने वाले
हाथों की रेखा देखने वाले
पाखंडों की दुनिया इनकी
दुनिया इनकी बहुत बड़ी है

रहस्यों भरी है इनकी दुनिया
बन बैठे अब ये भी बनिया
बाबा के अब भक्त कई है
नियम बाबा के सख्त बड़े हैं
चेलों की फ़ौज बनाकर ये
खूब चलाते अपना धंधा
नहीं हुआ कोई ऐसा बंदा
इन बाबाओं से ले जो पंगा

ऐसा हौवा बनाकर रखते
पढ़े लिखे हैं ज्यादा फंसते
मुँह से इनके फूल हैं झड़ते
आत्मशुद्धि की बात ये करते
कहते अपने अंदर झाँकों
लोभ माया से दूर तुम भागो
स्वयं के अंदर कभी न झाँकते
स्वयं की सेवा में मग्न हैं दिखते

इनका चक्रव्यूह इतना महान
बाहर निकलना नहीं आसान
भँवर में फँसा एक बार जो
बाबामय हुआ चार पुस्त वो
अपना रहस्य न खोलने वाले
अपने मन को न टटोलने वाले
ये बाबा संत फ़कीर भी
अब बदले बदले से लगते हैं

पाखंडों को रोकने वाले
अंधविश्वासों को तोड़ने वाले
जात पाँत से लड़ने वाले
भाईचारा बतलाने वाले
सादा जीवन जीने वाले
आदर्शों पर चलने वाले
ऐसे बाबा संत फ़कीर कहीं
गायब से हो गए लगते हैं

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