मंगलवार, 12 नवंबर 2013

उसे अपनों सा बना ही दिया

आज मैंने उसे इस मुल्क का बना ही दिया
उस मासूम से हिन्दू-मुसलमां का जिक्र किया
और जात-पात का फर्क भी सिखा ही दिया
कि मैंने भी अपना रंग दिखा ही दिया

आज उसे अपनों सा बना ही दिया

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें